सुखकर्ता दु:खहर्ता वार्ता विघ्नाची।। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची।। सर्वांगीं सुंदर उटि शेंदुराची।। कंठीं झळके माळ मुक्ताफळांची।। १ ।। जय देव जय देव जय मंगलमूर्ती ओ श्रीमंगलमूर्ती।। दर्शनमात्रें स्मरन… more →
मनांतल्wrote 2 years ago: सुखकर्ता दु:खहर्ता वार्ता विघ्नाची।। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची।। सर्वांगीं सुंदर उटि शेंदुराची।। … more →
wrote 2 years ago: सुखकर्ता दु:खहर्ता वार्ता विघ्नाची।। नुरवी पुरवी प्रेम कृपा जयाची।। सर्वांगीं सुंदर उटि शेंदुराची।। … more →
wrote 2 years ago: लवथवती विक्राळा ब्रह्मांडीं माळा। विषें कंठ काळा त्रिनेत्रीं ज्वाळा।। लावण्यसुंदर मस्तकीं बाळा।। तेथ … more →
wrote 2 years ago: दुर्गे दुर्घट भारी तुजविण संसारीं ।। अनाथनाथे अंबे करुणा विस्तारीं वारीं वारीं जन्ममरणातें वारीं ।। … more →